बसंत पंचमी में फ्योंली का फूल और मेरा बचपन

बसंत पंचमी में फ्योंली का फूल और मेरा बचपन -- हरीश लखेड़ा( की फेसबुक वॉल से साभार) बसंत का आगमन हो चुका है। उत्तराखंड में यह...

हिमालयी सरोकारों पर हर वर्ष होगी राजेंद्र धस्माना व्याख्यानमाला

हिमालयीलोग ट्रस्ट का कार्यक्रम : राजेंद्र धस्माना व्याख्यानमाला -1 नयी दिल्ली। हिमालयीलोग ट्रस्ट गांधीवादी पत्रकार राजेंद्र धस्माना की स्मृति में प्रतिवर्ष ‘राजेंद्र धस्माना व्याख्यानमाला’ का...

हिमालय की पुरातन लिपि टांकरी

हिमालय की पुरातन लिपि टांकरी - टांकरी में जौनसारी को लिखने का सफल प्रयोग कर चुके हैं रमेश जोशी नयी दिल्ली। कश्मीर से नेपाल तक के भू भाग में कभी टांकरी लिपि का प्रचलत था। इसी में वहां की भाषा-बोलियों को लिखा जाता था। यह हिमालयी...

उत्तराखंड बनाने के बाद 3 हज़ार गांव उजडे और ढाई लाख घरों में ताले

नई दिल्ली।  उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में 3000 गांव पूरी तरह खाली हो गए हैं और ढाई लाख से ज्यादा घरों में ताले लटके हुए हैं। ये सरकारी आंकडे हैं।  गैर सरकारी आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।  समृद्ध पहाड़ी...

देश के लिए बलिदान होते उत्तराखंड के वीर जवान

नई दिल्ली। संसद में केंद्र सरकार भी बान चुकी है कि देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान होने वालों में उत्तराखंड के लोग सबसे...

खून की कमी पूरी करता है कंडाली का स्वादिष्ट साग ...

उत्तराखंड और हिमाचल में बिच्छू घास का साग चाव से खाया जाता है।  उत्तराखंड में  इसे कंडाली, काल्डी आला व सिसौण आदि कई नामों...

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उत्तराखंडी थी पहली लोकसभा की सासंद शकुंतला बिष्ट नायर

उत्तराखंडी थी पहली लोकसभा की महिला सासंद शकुंतला बिष्ट नायर शादी के बाद उनके नाम से बिष्ट सरनेम हटकर नायर लग गया और  उत्तराखंडी समाज...