जम्मू, अक्टूबर। चीड़ जिसे जंगल का ऊंट कहा जाता है यह जहां भी जाता है जमीन को बंजर बना देता है।इसमें पाया जाने वाला allelochem जमीन को अम्लीय बना देता है जिसके कारण इसकी जमीन पर कुछ भी उग नही पाता। जब हम वर्किंग प्लान की बात करें तो सभी कोनिफेर्स को कमर्शियल जंगल कहा जाता है। इसमें कोई...
 परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा   हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली जै हिमालय, जै भारत। हिमालयीलोग के इस यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है। मैं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा इस बार यह बताने जा रहा हूं कि गौरैया के घर में आने व उसके घोसला बनाने को  लेकर ज्योतिष में क्या कहा गया है। जब तक मैं आगे बढूं, तब...
देहरादून। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मैदानों की वनस्पतियां अब पहाड़ों की ओर जाने लगी हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में वानस्पतिक विज्ञानियों के अध्ययन के अनुसार तापमान में वृद्धि के कारण मैदानी क्षेत्रों में पनपने वाली अनेक वनस्पतियां अब पहाड़ों की ओर रुख करने लगी हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में उत्तराखंड के सोमेश्वर घाटी में साल वृक्षों की बढ़वार में तेजी...
  परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली     www.himalayilog.com  /   www.lakheraharish.com        E- mail- himalayilog@gmail.com हिमालय, जै भारत। हिमालयीलोग के इस यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है। मैं हूं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा। आप सभी के प्यार और स्नेह से उत्साहित होकर अब हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण, ग्लेशियर, वन्यजीव, इकोलॉगी, अपराध आदि सरोकारों से लेकर नये रोचक समाचारों को भी...
मुगल राजा अकबर के पिंजड़े में थे नौ हजार चीते परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com / www.lakheraharish.com E- mail- himalyilog@gmail.com  आप को यह तो मालूम ही होगा कि भारत में चीते (Chita/ Cheetah ) विलुप्त  हो चुके हैं। कहीं- कहीं चिडियाघरों में चीते अवश्य दिख जाते हैं। लेकिन जंगलों में एक भी चीता (Chita/ Cheetah ) नहीं है। विश्व...
नई दिल्ली।मोक्षदायिनी गंगा राष्ट्रीय नदी का दर्जा मिल जाने पर भी मैली ही है । इसे निर्मल व अविरल बनाने के लिए बाद में गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण भी बनाया गया, नमामि गंगे योजना भी चल रही है। तब से लगभग आठ  हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा  राज्यों को दे दिये गये, लेकिन आज भी कोई नहीं कह...
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