परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली
www.himalayilog.com / www.lakheraharish.com
बेडु पाको बारोंमासा (Bedu pako )गीत आज भारत के साथ ही संपूर्ण विश्व में जाना जाता है। इस गीत की धुन सेना की कुमायुं रेजीमेंट का मार्चिंग गीत भी है। इस रेजीमेंट के बैंड की आधिकारिक धुन भी है। कुमायुं के इस लोकगीत को अल्मोड़ा के दो मित्रों ने...
बहुत पुरानी बात है। एक राजा की सात बेटियां थीं। एक दिन उसने अपनी बेटियों को बुलाया और पूछने लगा, ‘मैं तुम्हें कैसा लगता हूं?’ बड़ी बेटी ने कहा, ‘आप मुझे मीठे लगते हैं।’ दूसरी से पूछा तो उसने भी यही उत्तर दिया। फिर तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी से पूछा। उन्होंने भी यही बात दोहराई। किसी ने गुड़...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली
जै हिमालय, जै भारत। हिमालयीलोग के इस यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है।
मैं हूं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा । आप सभी को होली की शुभकामनाएं। इस बार होली पर ही बात करूंगा। जब तक मैं आगे बढूं, तब तक आपसे अनुरोध है कि इस हिमालयी लोग...
बाठ गोडाई क्या तेरो नौं च,
बोल बौराणी कख तेरो गौं च?
बटोई-जोगी ना पूछ मै कू,
केकु पूछदि क्या चैंद त्वै कू?
रौतू की बेटी छौं रामि नौ च
सेटु की ब्वारी छौं पालि गौं च।
मेरा स्वामी न मी छोड़ि घर,
निर्दयी ह्वे गैन मेई पर।
ज्यूंरा का घर नी जगा मैं कू
स्वामी विछोह होयूं च जैं कू।
रामी थैं स्वामी की याद ऐगे,
हाथ कूटलि छूटण...
History of Himalaya
हिडिंबा के राज्य में थी एक बीरा बैण — नये अंदाज में उत्तराखंड की लोक-कथा
admin -
हिडिंबा के राज्य में थी एक बीरा बैण /नये अंदाज में उत्तराखंड की लोक-कथा
परिकल्पना-डा. हरीश चंद्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति
दोस्तों, बीरा बैण की कहानी हम सभी दादी-नानी के समय से सुनते आ रहे हैं। यह कहानी सदियों से एक ही ढर्रे पर चल रही है। मैंने इस लोककथा को उसके कालखंड से जोड़ने तथा इसे नये तरीके से पेश करने...
बुरांश के फूल का जूस हृदय रोग, किडनी, लिवर के अलावा रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने और हड्डियों को सामान्य दर्द के लिए बहुत लाभदायी होता है। राज्य वृक्ष और इतने सारे औषधीय गुण होने के बावजूद भी बुरांश के फूलों का वैज्ञानिक तौर पर उपयोग नहीं होता है।स्थानीय स्तर पर ही इस के फूलों का जूस बनाया जाता है।...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली
www.himalayilog.com / www.lakheraharish.com
देवों के देव महादेव भगवान भोलेनाथ का वाहन नंदी है। यानी बैल। भगवान शिव के मंदिर में हम सभी नंदी को देखते हैं। जहां भी शिव होंगे वहां नंदी भी होंगे। शिवजी की प्रतिमा या शिवलिंग होगा, वहां नंदी को भी विराजमान होते हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के...
किसी जंगल में एक लोमड़ी का परिवार रहता था। जब मादा लोमड़ी गर्भवती हुई तो उसने अपने पति से घर का इंतजाम करने को कहा। इस पर पति लोमड़ी बहुर्त ंचंतित हो गया, लेकिन उसने वादा किया कि वह घर का इंतजाम जरूर कर देगा। जब बच्चों के जन्म का समय आया तो लोमड़ी अपनी पत्नी को बाघ की...
सिर को मुंडवा कर क्यों रखते हैं इदु मिश्मी जनजाति के लोग?
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली
www.himalayilog.com / www.lakheraharish.com
आज जानते ही हैं कि हिमालयी राज्य अरुणाचल प्रदेश भारत का उत्तर पूर्व का सीमांत प्रांत है। अरुणाचल का अर्थ उगते सूर्य का पर्वत होता है। अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमान्त एजेंसी यानी नॉर्थ ईस्ट फ़्रण्टियर एजेंसी-...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा
हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली/ www.himalayilog.com / www.lakheraharish.com / E- mail- himalayilog@gmail.com
जै हिमालय, जै भारत। हिमालयीलोग के इस यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है। मैं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा इस बार सुल्ताना डाकू (Sultana Daku)के बारे में जानकारी दे रहा हूं, जिसे रॉबिनहुड और - गरीबों का प्यारा डाकू – कह के याद किया जाता है।...



























