रावत के साथ दुगड्ड्डा आए थे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com E- mail- himalyilog@gmail.com इस बारे में कुछ कहने से पहले आप सभी से  पूछना चाहता हूं कि क्या आप जानते हैं कि क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत (Bhawani Singh Rawat) कौन थे? नहीं जानते न। दोष आपका नहीं है, उन लोगों का है जिनका...
एक गांव में एक विधवा औरत और उसकी 6-7 साल की बेटी रहते थे। किसी प्रकार गरीबी में वो दोनों अपना गुजर बसर करते थे। एक बार माँ सुबह सवेरे घास के लिए गयी और घास के साथ काफल भी तोड़ के लायी। बेटी ने काफल देखे तो बड़ी खुश हुई। माँ ने कहा कि मैं खेत में काम...
जानिए पहाड़ का धार्मिक प्रसाद अरसा का इतिहास परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com E- mail- himalayilog@gmail.com जै हिमालय, जै भारत। मैं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा इस बार पहाड़ के सबसे प्रसिद्ध पकवान अरसा (Arasa of Uttarakhand)के इतिहास को लेकर जानकारी दे रहा हूं। अब विलुप्ति के कगार पर आ पहंचे इस पकवान के बारे में...
परिकल्पना- डा. हरीश चंद्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति /नयी दिल्ली दोस्तों इस बार आपके लिए मां वैष्णोदेवी की कथा लेकर आया हूं।आप सभी ने जम्मू की वैष्णो माता का नाम अवश्य सुना होगा। इस बार मां वैष्णोदेवी की कथा और उनके पवित्र धाम तक पहुंचने का रास्ता भी बताऊंगा। मां वैष्णो देवी  की गुफा हिमालयी राज्य जम्मू-कश्मीर में है। यह गुफानुमा मंदिर...
फूलों को कुचलते हुए दौड़ रहे हैं दिशाहीन हो हमारी नदियों और झरनों को रोक रहे हैं दिशाहीनता में इनकी दिशाहीनता अन्यमनस्कता में हृदयहीनता में हम पीड़ा ग्रस्त हो रहे हैं यह पृथ्वी रोगाक्रांत हो रही है यहां बैठकर मैं स्वयं को खा रहा हूं। मेरे हृदय में चरचरा रहे घाव की यह पीड़ा मात्र है, सिर्फ दर्द और टीस है। तुम जाओं इसी विश्वास में मैं भीगा लथपथ बैठा हूं। तुम...
  परिकल्पना- डा. हरीश चंद्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति /नयी दिल्ली दोस्तों, इस बार आपके लिए उत्तराखंड की लोककथा लेकर आया हूं। इस लाककथा को हम लोग बचपन में खूब सुनते रहे हैं। बुजुर्ग लोग गांव के शरारती बच्चों को डराते भी थे कि कहना मान लो, अन्यथा लिंडरया छोरा वाली राक्षसी आ जाएगी। हिमालयी क्षेत्र में राक्षसों से जुड़ी कई...
ताराओन से कैसे हार गया गांव का राजा परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com इस लोककथा नागकन्या (Nagkanya & Taraon )और ताराओन  से पहले हिमालयी  राज्य अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के बारे में भी जान लेते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर का राज्य है। अरुणाचल का अर्थ हिन्दी में -उगते सूर्य का पर्वत- है । इस...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति /नई दिल्ली www.himalayilog.com /www.lakheraharish.com दोस्तों मैं जर्नलिस्ट डा. हरीश लखेड़ा, हिमालयी जातियों के इतिहास की श्रृंखला में इस बार नेपाल के प्राचीन समाज नेवार को लेकर जानकारी दे रहा  हूं। नेवार समाज की कुछ विशेषताएं हैं, जो की सभी समाजों के लिए अनुकरणीय हैं। नेवारों को लेकर जानकारी देने से पहले आप सभी से...
भारत को यदि किसी  महामानव ने एकसूत्र में बाँधा तो वे थे आदि शंकराचार्य। आदि शंकराचार्य (Adi Shakaracharya)  अद्वैत वेदान्त के प्रणेता, संस्कृत के विद्वान, उपनिषद व्याख्याता और हिन्दू धर्म प्रचारक थे। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर...
बहुत पुरानी बात है। एक गांव में एक ब्राह्मण का बेटा बिलकुल नकारा था। कोई भी काम नहीं करता था। एक दिन उसे जब मां ने स्कूल भेजा तो वह स्कूल जाने की बजाए घर की छत में छुप गया और वहां की चिमनी से मां को रोटी बनाते देखता रहा कि मां ने कुल १० रोटियां बनाई हैं,...
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