यह छोटे आलू की सब्जी है। थिच्योणी उत्तराखंड की स्वादिष्ट और मशहूर व्यंजन है। विधि -- आलू को सिलबट्टा में थींच (कूट ) लें। फिर चूल्हे में कढ़ाई रखें। उसमें घी डाल कर गरम करें। उसमें जीरा व जख्या (पहाड़ का जीरा) का तडक़ा मारेें। फिर टमाटर व मसाले डाल दें। फिर उसमें थिचें आलू डाल दें। उसे कुछ देर तक भूनें।...
सिर को मुंडवा कर क्यों रखते हैं इदु मिश्मी जनजाति के लोग? परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com   आज जानते ही हैं कि हिमालयी राज्य अरुणाचल प्रदेश भारत का उत्तर पूर्व का सीमांत प्रांत है। अरुणाचल का अर्थ उगते सूर्य का पर्वत होता है। अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमान्त एजेंसी यानी नॉर्थ ईस्ट फ़्रण्टियर एजेंसी-...
  ढांकर को लेकर दादी-नानी से सुना कभी? परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com सहयोगी यूट्यूब चैनल संपादकीय न्यूज ढांकर को लेकर बताने से पहाड़ के यात्रामार्ग व यातायात  को लेकर बात कर लेते हैं। पहाड़ में आज यातायात के लिए गाड़ी है, कार है, मोटर साइकिल है, स्कूटर है। बड़े शहरों में रेल है। देहरादून, पंतनगर के...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली/ www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com / E- mail- himalayilog@gmail.com जै हिमालय, जै भारत। हिमालयीलोग के इस यूट्यूब चैनल में आपका स्वागत है। मैं जर्नलिस्ट डा. हरीश चंद्र लखेड़ा इस बार सुल्ताना डाकू (Sultana Daku)के बारे में जानकारी दे रहा हूं, जिसे रॉबिनहुड और - गरीबों का प्यारा डाकू – कह के याद किया जाता है।...
अल्मोड़ा , चम्पावत या कोटद्धार आपको उत्तराखंड की प्रसिद्द बाल मिठाई  मिल जाएगी।  ऐसे खाने के बाद  बार-बार खाने को मन करता है।  इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह मिठाई उत्तराखंड की मशहूर बाल मिठाई है। आपने अगर इसका नाम सुना है या पहले कभी खाया है तो आपको इसके स्वाद के बारे में हमें...
काफल ! जी हां यह उत्तराखंड समेत पूरे हिमालयी क्षेत्र का प्रसिद्ध फल है। यह हिमालयी  क्षेत्र में पाया जाने वाला मध्यम ऊंचाई वाला पौधा है,  जिसका वैज्ञानिक नाम मैरिका नागी है। यह मैरिटेसि परिवार का पौधा है जो लगभग पूरे भारत में पाया जाता है। उत्तराखंड में इसे काफल के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में इसे...
परिकल्पना- डा. हरीश चन्द्र लखेड़ा हिमालयीलोग की प्रस्तुति, नई दिल्ली www.himalayilog.com  / www.lakheraharish.com यह कहानी  सिक्किम (Sikkim) की प्रसिद्ध लोक कथा है।  बहुत पुराने समय की बात है। सिक्किम के राजा ने राज्य का पशु का निर्णय किया। परंतु प्रश्न यह था कि राज्य पशु कौन होगा ।इसके लिए राजा ने सभी पशुओं को बुलाया गया, ताकि राज्य पशु का चुनाव किया...
एक था सियार। एक दिन वह अपने शिकार की तलाश में जा रहा था। उसने दूर से देखा-एक आदमी एक बाघ के आगे-आगे चल रहा है। उसे दाल में कुछ काला नजर आया और वह नजर बचाकर चलने लगा। तभी उसे आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी, ‘मंत्री जी, मंत्री जी, जरा रुकिए।’ सियार ने अनसुनी-सी करते हुए अपनी चाल...
नदी की तरह बहता रहा, समुद्र में जाकर ही मिलना है व खारा होना है --वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र धस्माना महात्मा गांधी या गांधीवाद, हिमालय या रेगिस्तान, वामपंथ हो या पूंजीवाद यानी भी कोई विषय, राजेन्द्र धस्माना इस तमाम विषयों का चलता-फिरता इन्साइक्लोपीडिया हैं। किसी भी मुद्दे पर नये विचार रख सकते हैं। दूरदर्शन में समाचार संपादक रहने के बाद सम्पूर्ण गांधी...
एक गांव में एक दर्जी रहता था। उसने एक बकरी पाली हुई थी। वह बकरी बातें करती थी। उस दर्जी के तीन बेटे थे। वे दर्जी-पुत्र जब बड़े हुए तो दर्जी ने उन्हें बकरी चराने का काम सौंपा। वह बकरी दिन भर चरती और भर पेट खाती। पर जब दर्जी शाम को उस पर हाथ फेर कर उससे हाल...
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