यह उत्तराखंड की प्रसिद्ध व्यंजन है। दिल्ली  स्थित उत्तराखंड सदन में यह उपलब्ध है। विधि-- उत्तराखंड में काला भट्ट होता है जिसे काला सोयाबीन भी कहते हैं। साबुत भट्ट को अच्छी तरह से साफ कर लें, और उन्हें तवे में भून लें। इससे पहले कढ़ाही  में तेल गर्म करें, उसमें साबूत जीरा डालकर भूने। जीरा जब हल्का भूरे रंग का दिखने लगे...
उत्तराखंड के पहाड़ों में लोगों ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का इजाद किया है। इनमें  दाल, भात के साथ ही कपुलु, फाणु,  झ्वली, चैंसु , रैलु, बाड़ी, पल्यो, चुना (कोदा) की रोटी, मुंगरी (मक्का) की रोटी, आलू  की थिचोड़ी, आलू का झोल, जंगोरा का भात, जंगोरा,  अरसा, बाल मिठाई, भांग की चटनी, भट्ट की...
उत्तराखंड और हिमाचल में बिच्छू घास का साग चाव से खाया जाता है।  उत्तराखंड में  इसे कंडाली, काल्डी आला व सिसौण आदि कई नामों से जाना जाता है। यह वही घास है जिसे पहाड़ों में कभी मास्टर जी बच्चों को सुधारने के लिए उपयोग करते रहे हैं। हिंदी में इसे बिच्छू घास या बिच्छू बूटी कहते हैं।  बिच्छू घास नाम...
यह छोटे आलू की सब्जी है। थिच्योणी उत्तराखंड की स्वादिष्ट और मशहूर व्यंजन है। विधि -- आलू को सिलबट्टा में थींच (कूट ) लें। फिर चूल्हे में कढ़ाई रखें। उसमें घी डाल कर गरम करें। उसमें जीरा व जख्या (पहाड़ का जीरा) का तडक़ा मारेें। फिर टमाटर व मसाले डाल दें। फिर उसमें थिचें आलू डाल दें। उसे कुछ देर तक भूनें।...

FOLLOW ME

0FansLike
388FollowersFollow
7,763SubscribersSubscribe

WEATHER

- Advertisement -