काफल ! जी हां यह उत्तराखंड समेत पूरे हिमालयी क्षेत्र का प्रसिद्ध फल है। यह हिमालयी  क्षेत्र में पाया जाने वाला मध्यम ऊंचाई वाला पौधा है,  जिसका वैज्ञानिक नाम मैरिका नागी है। यह मैरिटेसि परिवार का पौधा है जो लगभग पूरे भारत में पाया जाता है। उत्तराखंड में इसे काफल के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में इसे...
जम्मू, अक्टूबर। चीड़ जिसे जंगल का ऊंट कहा जाता है यह जहां भी जाता है जमीन को बंजर बना देता है।इसमें पाया जाने वाला allelochem जमीन को अम्लीय बना देता है जिसके कारण इसकी जमीन पर कुछ भी उग नही पाता। जब हम वर्किंग प्लान की बात करें तो सभी कोनिफेर्स को कमर्शियल जंगल कहा जाता है। इसमें कोई...
नई दिल्ली।मोक्षदायिनी गंगा राष्ट्रीय नदी का दर्जा मिल जाने पर भी मैली ही है । इसे निर्मल व अविरल बनाने के लिए बाद में गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण भी बनाया गया, नमामि गंगे योजना भी चल रही है। तब से लगभग आठ  हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा  राज्यों को दे दिये गये, लेकिन आज भी कोई नहीं कह...
गरमी का मौसम आ चुका है और अब मैदानों से भारी भीड़ पहाड़ों की ओर जाने लगेगी    । हर साल लगभग पांच करोड़ लोग हिमालयी राज्यों मेंं पर्यटन व धर्माटन के लिए जाती है। अब  हम सभी का कर्तव्य  है कि देश के साथ ही हिमालय के सरोकारों की भी चिंता करें। हिमालय  भीो पर्यावरण मुक्त बनाएं और हिमालयी लोगों...
नई दिल्ली। हिमालयी ग्लेशियर ही नहीं बल्कि देशभर के जंगल भी अब संकट में हैं।सरकारी रिपोर्ट भी कहती है की जंगल घाट रहे हैं।   केंद्रीय पर्यायरण व वन मंत्रालय की ‘इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट-२०११’ भी कह चुकी है कि वर्ष २००९ की तुलना में ३६७ वर्ग किमी वन क्षेत्र घटा गया था  जबकि केंद्र सरकार ने ग्रीन इंडिया मिशन...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल 8 मई से यमुना में प्रदूषण रोकने से जुड़े मुद्दों की रोजाना सुनवाई करेगा। ट्राइब्यूनल ने कहा है कि यदि 'मैली से निर्मल यमुना रीवाइटलाइजेशन प्रॉजेक्ट 2017' के निर्देशों के संबंध में किसी विभाग की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल  अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र की...
देहरादून। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मैदानों की वनस्पतियां अब पहाड़ों की ओर जाने लगी हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में वानस्पतिक विज्ञानियों के अध्ययन के अनुसार तापमान में वृद्धि के कारण मैदानी क्षेत्रों में पनपने वाली अनेक वनस्पतियां अब पहाड़ों की ओर रुख करने लगी हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में उत्तराखंड के सोमेश्वर घाटी में साल वृक्षों की बढ़वार में तेजी...
नई दिल्ली, सितंबर। उत्तराखंड का राज्य पुष्प है ब्रह्म कमल। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी गुलाबी कमल पर बैठे होते हैं। यही गुलाबी कमल भारत का राष्ट्रीय पुष्प भी है। ज्यादातर लोग इस गुलाबी कमल (निलुम्बो नूसिफेरा) को ही ब्रह्म कमल मान लेते हैं। जबकि एक वर्ग का मानना है कि यह गुलाबी...
नई दिल्ली। गोरैया, जिसे उत्तराखंड में घंड्यूड़ी कहा जाता है, आज विलुप्त होती जा रही है। दिल्ली में तो बहुमंजिला इमारतें बन जाने से इसका आशियाना ही छिन गया है। इसलिए यहां कबूतर तो बढ़ रहे हैं, लेकिन गोरैया बहुत कम दिखती है। दिल्ली सरकार ने इस राज्यीय पक्षी घोषित तो किया है, लेकिन इसे बचाने के ज्यादा ठोस प्यास...
कनाडा में लोग उस वक्त हैरान रह गए जब एक नदी ही गायब हो गई।  बात 2016 की है। कनाडा में महज चार दिन में स्लिम्स नदी लुप्त हो गई। बाद में वैज्ञानिकों ने कहा कि सैकड़ों साल पुरानी यह नदी ‘चोरी’ हो गई है। तब मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग के असर से कनाडा की 150 मीटर चौड़ी...

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