बहुत पुरानी बात है। एक राजा की सात बेटियां थीं। एक दिन उसने अपनी बेटियों को बुलाया और पूछने लगा, ‘मैं तुम्हें कैसा लगता हूं?’ बड़ी बेटी ने कहा, ‘आप मुझे मीठे लगते हैं।’ दूसरी से पूछा तो उसने भी यही उत्तर दिया। फिर तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी से पूछा। उन्होंने भी यही बात दोहराई। किसी ने गुड़...
( मां वैष्णों देवी के दरबार में अखरोट और सूखा सेब प्रसाद के तौर पर मिलता है। इससे जम्मू-कश्मीर के उत्पाद की बिक्री होती है और स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ती है। लेकिन उत्तराखंड के तीर्थ स्थानों में मैदानी क्षेत्रों से पैक सामान ही प्रसाद के तौर पर मिलता है। क्या उत्तराखंड सरकार को इस दिशा में नहीं सोचना...
इतिहास में कर्णावती नाम की दो रानियों का उल्लेख मिलता है ! इनमें एक चित्तौड के शासक राणा संग्राम सिंह की पत्नी थी. जिन्होंने अपने राज्य को गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह के हमले से बचाने के लिए मुगल बादशाह हुमायूं को राखी भेजी थी जबकि दूसरी गढवाल की शासिका थीं ! इतिहास में गढवाल की रानी का उल्लेख...
नेपाली या खस कुरा नेपाल की राष्ट्रभाषा है । यह भाषा नेपाल की लगभग ४४ लोगों की मातृभाषा  है। यह भाषा नेपाल के अतिरिक्त भारत के सिक्किम, पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्वी राज्यों असं असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय तथा उत्तराखण्ड के अनेक भारतीय लोगों की मातृभाषा है। भूटान, तिब्बत और म्यानमार के भी अनेक लोग यह भाषा बोलते हैं।नेपाल भाषा...
जम्मू, अक्टूबर। चीड़ जिसे जंगल का ऊंट कहा जाता है यह जहां भी जाता है जमीन को बंजर बना देता है।इसमें पाया जाने वाला allelochem जमीन को अम्लीय बना देता है जिसके कारण इसकी जमीन पर कुछ भी उग नही पाता। जब हम वर्किंग प्लान की बात करें तो सभी कोनिफेर्स को कमर्शियल जंगल कहा जाता है। इसमें कोई...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल 8 मई से यमुना में प्रदूषण रोकने से जुड़े मुद्दों की रोजाना सुनवाई करेगा। ट्राइब्यूनल ने कहा है कि यदि 'मैली से निर्मल यमुना रीवाइटलाइजेशन प्रॉजेक्ट 2017' के निर्देशों के संबंध में किसी विभाग की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल  अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र की...
--- दीपशिखा गुसाईं  / मेरे पहाड़ की नारी मेरे पहाड़ की नारी हिम्मत उसकी भारी। पहाड़ सा जीवन हर पल जीती,, रहती सदा मुस्कुराती। जब भी सोचा, जब भी देखा,, उसे जीवन से लड़ते देखा। चाहे हो बर्फीली सुबह या ठण्ड से ठिठुरती रात,, कभी न होती निढाल कभी न माने हार। 'रतब्याणी' ही उठ कर 'कल्यो' रोट बनाती,, 'गौड़ी' दुहने के बाद, जाने कब 'बोण' को जाती, 'सुल्येटे' में घास के पूले, इतने न गिन पाते,, कैसे चट्टानी रास्तों...
पहाड़ जैसा कठिन जीवन जी रहे हिमालयी लोगों के लिए अब तेंदुआ व गुलदार अब बहुत बड़ी मुसीबत  बनकर सामने आए हैं। यह बात खुद केंद्र सरकार भी मानने लगी है। अकेले उत्तराखंड में ही पिछले एक दशक के दौरान तेंदुआ व गुलदारों ने 560 हमलों में 203 लोगों को मार डाला और खा गये। इसलिए केंद्रीय पर्यावरण व वन...
यह तेरा हिस्सा है/ कहकर छोटा-सा भू-भाग क्यों देते हो मुझे! / घेरा लगाकर सुंदर बनाने पर भी / यह मुझे कतई पसंद नहीं! / उस घेरे के भीतर / वह घर / उसके अंदर भी कमरे ही कमरे / उन कमरों के अंदर भी अपने-अपने / स्तर और स्थान हैं! / कैसा आश्चर्य! / कैसी चाह / कैसी प्रथा है यहां की ? / तुमुस छोटे से घेरे से घेरे...
क्या हुआ कि दिल से उतर गया कोई। अश्क़ सा आँखों से निकल गया कोई। उसने जाहिर की शख़्सियत उसकी। और मेरे भीतर से...मर गया कोई। किसी रहबर की जरूरत नहीं रही। ऐसा सबक दे के गुज़र गया कोई। अब भी हर बात पे रूँधता है.. गला। कैसे कह दें कि ग़म से उबर गया कोई। वो ख़ंज़र तो था हिफ़ाज़त के वास्ते। और उसी से ...क़त्ल कर...

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