बहुत पुरानी बात है। एक गांव में एक ब्राह्मण का बेटा बिलकुल नकारा था। कोई भी काम नहीं करता था। एक दिन उसे जब मां ने स्कूल भेजा तो वह स्कूल जाने की बजाए घर की छत में छुप गया और वहां की चिमनी से मां को रोटी बनाते देखता रहा कि मां ने कुल १० रोटियां बनाई हैं,...
लगातार सात साल से आपके प्यार और स्नेह के चलते आज हिमालयीलोग पोर्टल इस मुकाम पर पहुंच गया है कि उसे देश-दुनिया में बड़ी संख्या में देखा जाता है।  समय भी बदलता है और दुनिया भी और हम भी। इसलिए इस पोर्टल को हम लगातार नये रूप में लाते रहे हैं। पोर्टल को हमने अब चौथी बार रीडिजाइन किया है।...
बहुत पुरानी बात है। किसी गांव में सात भाई रहते थे। वैसे तो वे बड़े प्यार से मिलकर रहते थे, लेकिन कभी-कभी उनमें झगड़ा हो जाया करता था। छह भाई तो एक ओर हो जाते, एक भाई अकेला पड़ जाता था। जो अकेला पड़ जाता था, वह सबसे छोटा था। वे सब मिलकर उसे बहुत तंग करते थे। एक दिन...
कुमाऊँनी भारत के उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र में बोली जाने वाली एक भाषा/बोली है। इस भाषा को हिन्दी की सहायक पहाड़ी भाषाओं की श्रेणी में रखा जाता है। कुमाऊँनी भारत की ३२५ मान्यता प्राप्त भाषाओं में से एक है और २६,६०,००० (१९९८) से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती है। उत्तराखण्ड के निम्नलिखित जिलों - अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर,...
------------प्रो. हरिमोहन हिमालय विश्व का गौरव है। इसमें विशेष रूप से भारत और समूची भारतीय संस्कृति की विराटता एवं औदात्य एक साथ रूपायित होते हैं। इसलिए भारत और हिमालय दोनों एक-दूसरे के पर्याय हो गए हैं। सदियों से अपने धवल रूप में मौनद्रष्टा की भांति खड़ा यह गिरिराज भारतीय संस्कृति एवं जनजीवन में होने वाले परिवर्तनों का साक्षी रहा है।...
ये ऊंचे- ऊंचे पहाड़ / बाट देखते रहे/ बाट देख रहे हैं / बाट देखते रहेंगे / कि मेरे / कभी न कभी / जरूर लौटेंगे. देवेन्द्र जोशी, देहरादून
माँ तू अब कितना बदल गई है, माँ सच तू वही तो है न? पहले एक चीख पर दौड़ आती थी, मुझसे पहले दर्द तुम्हें सताता था, बिन लोरी तेरे सो न पति थी, एक कहती तू दस सुनाती थी, सोचती कहीं चुप हुई और में उठ न जाऊं, माँ अब एक लोरी को तरस रही हूँ, सच माँ तू कितना बदल गई है।। स्कूल से आती तू...
उत्तराखंड के फलों  में  एक ऐसा फल जिसे सिर्फ सोचकर मुह में पानी आ जाता है वह है हिसर, hisar या हिंसालु  ।यह फल चीड़ के जंगल में पाया जाता है। अक्सर  यह  फल माल मवेशी चराने वाले बच्चे तोड़ कर लाते हैं और फिर सब इसके मीठे  स्वाद का मजा लेते हैं। इसे अंग्रेजी में हिमालयन येलो रसबेरी...
डोगरी भारत के जम्मू और कश्मीर प्रान्त में बोली जाने वाली एक भाषा है। वर्ष 2004 में इसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। पश्चिमी पहाड़ी बोलियों के परिवार में, मध्यवर्ती पहाड़ी पट्टी की जनभाषाओं में, डोगरी, चंबयाली, मडवाली, मंडयाली, बिलासपुरी, बागडी आदि उल्लेखनीय हैं।डोगरी भाषा भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य की दूसरी मुख्य भाषा है।...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल 8 मई से यमुना में प्रदूषण रोकने से जुड़े मुद्दों की रोजाना सुनवाई करेगा। ट्राइब्यूनल ने कहा है कि यदि 'मैली से निर्मल यमुना रीवाइटलाइजेशन प्रॉजेक्ट 2017' के निर्देशों के संबंध में किसी विभाग की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल  अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र की...

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