चमोली।  उत्तराखंड के एक देवता ऐसे भी हैं, जिनके दर्शन उनका पुजारी भी नहीं कर पाता। यह मंदिर वर्ष में सिर्फ एक बार बैशाख पूर्णिमा के दिन कुछ घंटे के लिए खुलता है। मंदिर के द्वार खोलते समय पुजारी की आंखों पर पट्टी बंधी होती है। इस मंदिर में किसी वीआइपी की भी नहीं चलती है। वीआइपी की छोड़िए,...
देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। गुरुवार 27 अप्रैल  को गंगा जी की डोली रवना होने के साथ ही यात्रा का शुभारंभ हा गया। अब शुक्रवार को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ के कपाट तीन मई और बदरीनाथ के कपाट छह मई को खुल जाएंगे। शुक्रवार दोपहर...
भारत को यदि किसी  महामानव ने एकसूत्र में बाँधा तो वे थे आदि शंकराचार्य। आदि शंकराचार्य (Adi Shakaracharya)  अद्वैत वेदान्त के प्रणेता, संस्कृत के विद्वान, उपनिषद व्याख्याता और हिन्दू धर्म प्रचारक थे। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर...
जलते अंगारों के कुंड में क्या कोई मानव चल सकता है? जी हां ऐसे दृश्य देखते हैं तो उत्तराखंड चले आइए। यहां जागरों व देव पूजन के समय यह सब देखा जा सकता है। हाल में भी केदारघाटी यक्षराज (जाख देवता) की पूजा के समय ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। यहां मंदिर परिसर में आग का कुंड बनाया गया...
उत्तराखंड में गढ़वाल हिमालय में केदारनाथ धाम तीन मई को और बद्रीनाथ मंदिर छह मई को श्रद्वालुओं के लिये खुलेंगे।  इससे पहले 28 मई को उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्वालुओं के दर्शन के लिये खोल दिये गये जिसके साथ ही वाषिर्क चारधाम यात्रा का भी शुभारंभ...
ऊँ श्री गणेशाय नम : / प्रथमं वक्रतुण्ड च एकदन्तं द्वितीयकम्, तृतीयं कृष्णपिड्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।   / लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च, सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्।।    / नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्, एकादशं गणपतिं द्वादर्श तु गजाननम्।।    / द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः, न च विध्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।।   / भगवान श्री गणेश को हिन्दू धर्म में प्रथम पूजनीय...
केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। उत्तराखंड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। यहाँ की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्थरों...
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले बंधुओं आपका स्वागत है। लेकिन उत्तराखंड में आकर आपको हिमालय की चिंता भी करनी चाहिए। हिमालय बचा रहेगा तभी यह यात्रा भी रहेगी। आपको मालूम ही है कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा को उत्तराखंड में चार धाम के नाम से भी जाना जाता हैं। यहां सबसे पहले तीर्थयात्री यमुनोत्री (यमुना)...
नई दिल्ली। बैशाखी यानी बिखोती से उत्तराखंड में ग्रीष्मकालीन मेलों की शुरू आत हो गई है। ये मेले मई तक चलेंगे। वैसे तो उत्तराखंड में लगभग हर मौसम में मेले लगते रहे हैं। ठंड के मौसम में प्रसिद्ध गिंदी मेले लगते हैं। हर छह व 12 साल में हरिद्वार में कुंभ लगता है। बरसात में भगवान शिव के मंदिरों में...
बढ़ती हुई गर्मी और विविध प्रकार के फल-फूलों से नित नव श्रृंगार करती वसुन्धरा की लहलहाती फसले जब पकने लगती है, तो भारत वर्ष में न केवल कृषक बल्कि आम जन चाहे वह पेशेवार हो या नौकरी करने वाले हो, धरा की इस खूबसूरती को देखकर गद्गद हो जाते है। देश ही नहीं बल्कि विश्व समुदाय भी इसके आकर्षण...

FOLLOW ME

0FansLike
388FollowersFollow
7,763SubscribersSubscribe

WEATHER

- Advertisement -