-----  व्योमेश चन्द्र जुगरान ( हिमालयीलोग दिल्ली में उत्तराखंड के पुराने पत्रकारों को याद कर रहा है।  वीरेन्द्र बर्त्वाल पहली पीढ़ी के पत्रकारोंमें से एक थे ।  22 जुलाई को उनकी  नौवीं पुण्यतिथि थीं।) ---------------------------------------------- नई दिल्ली। परम आदरणीय वीरेन्द्र बर्त्वालजी तब नवभारत टाइम्स दिल्ली मे न्यूज एडिटर थे। मैं नभाटा के जयपुर संस्करण में था। जब भी दिल्ली आना होता, बर्त्वाल जी...
नई दिल्ली। दिल्ली में गढ़वाली-कुमायुंनी अकादमी गठित करने संबंधी योजना केजरीवाल सरकार की फाइलों में दम तोडऩे लगी है। प्रदेश की आम आदमी सरकार ने  फरवरी 2016 तक अस्तित्व में लाने का ऐलान किया था लेकिन तब से मामला एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मनीष शिशौदिया ने 2015 के दौरान रामलीला मैदान में उत्तराखंडियों...
नई दिल्ली।दिल्ली में राजौरी गार्डन सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए खतरे की घंटी हैं. दिल्ली  निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई तो केजरीवाल के लिए आने वाले दिन कठिनाईपूर्ण होंगे।  इस सीट से बीजेपी के मनजिंदर सिंह सिरसा ने 14 हजार वोटों से जीत दर्ज की है।इस सीट...
हरीश लखेड़ा दिल्ली में मुख्यधारा के पत्रकार रहे हैं। वे उन चंद साथियों में हैं जिन्होंने उत्तराखंड की अपनी माटी से जुड़े सवालों को भी समानांतर ढंग से मुख्यधारा का अंग बनाया और आंचलिक मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर पूरी गंभीरता से उठाया। वैसे भी तब दिल्ली के बड़े अखबारों में आंचलिक आग्रहों के लिए बहुत सीमित जगह हुआ...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल 8 मई से यमुना में प्रदूषण रोकने से जुड़े मुद्दों की रोजाना सुनवाई करेगा। ट्राइब्यूनल ने कहा है कि यदि 'मैली से निर्मल यमुना रीवाइटलाइजेशन प्रॉजेक्ट 2017' के निर्देशों के संबंध में किसी विभाग की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय हरित ट्राइब्यूनल  अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र की...
नई दिल्ली, 7 मार्च2017  ।  दिल्ली  के  नगर निगम चुनाव  में  इस  मरतबा उत्तराखण्ड मूल के  नेताओं को ज्यादा  तर्जीह  न दिये  जाने की  वजह से प्रवासी  उत्तराखण्डियों में  राजनीतिक दलों के  प्रति   नाराजगी  और  उदासीनता का  सिलसिला  जोर  पकड़ने लगा  है. एक गैर आधिकारिक आंकडे के  मुताबिक  राजधानी  दिल्ली  में  इस समय उत्तराखण्डियों की  तादाद  लगभग 30 लाख ...
नई दिल्ली। 11 अगस्त, 2017। ‘उत्तराखंड आन्दोलन-स्मृतियों का हिमालय’ पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार हरीश लखेड़ा ने कहा कि इस पुस्तक में आंदोलन में दिल्ली वालों की भूमिका का विस्तार से जिक्र है। जबकि उत्तराखंड के लोग दिल्ली वालों को ‘ठ्यकर्या’ कहते रहे हैं। ‘ठ्यकर्या’ शब्द सुनते ही मुख्यमंत्री रावत चौक गए। उन्होंने कहा कि वे यह शब्द पहली बार...
दिल्ली की लगभग एक चौथाई आबादी उत्तराखंड प्रवासियों की है। वैसे तो दिल्ली के हर इलाके में उत्तराखंड के लोग मिल जाएंगे लेकिन दक्षिण और पूर्वी जिला में इनका घनत्व कुछ ज्यादा ही है। जाड़ों में यह संख्या और भी बढ़ जाती है। ठंड ज्यादा बढ़ने और खेती के काम से फुरसत मिलने के कारण पहाड़ के लोग मैदानी...
नई दिल्ली।  सुप्रसिद्ध उत्तराखण्ड आंदोलनकारी एवं सल्ट ब्लॉक की पूर्व प्रमुख  कमला रावत (कमला दीदी ) अब हमारे बीच  नहीं रही ।  हिमालयीलोग की उनको भावभीनी श्रद्धांजलि। उत्तराखंड  आंदोलन की अग्रणी आंदोलनकारी व समर्पित समाजसेवी कमला रावत का 20 मई की मध्य रात्रि को निधन होने से उनके परिजन सहित उत्तराखण्ड व दिल्ली के उत्तराखण्डी समाज में शोक छा गया।...
नई दिल्ली। उत्तराखंड में सरकार किसी भी दल की रही हो लेकिन किसी ने भी अपने समाज के दिल्ली समेत प्रवास में रह रहे बुद्धिजीवियों विशेषतौर पर पत्रकारों की कभी सुध नहीं ली। जबकि उत्तराखंड राज्य निर्माण में दिल्ली के पत्रकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में अब तक कांग्रेस व भाजपा बारी-बारी से राज करती रही हैं।...

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