कविता — जीवन के इस पथ पर

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कविता — जीवन के इस पथ पर
— देहरादून से सुमन काला

इतना नेह न देना मुझकों
भूल जाऊं,, सब कुछ
जो मिला जीवन मे
वो भी था,,,,
पल दो पल का…..
लेकिन……
तुम्हें भूला न पायी
जीवन के इस पथ पर
तुम्हारे ही नेह ने
दिया है साहस….
कँटली राहोँ पर चलने का
जीवन की दुर्गम राहों को
सुगम कर डाला
तुम्हारे ही नेह ने
जीवन के……
हाँ, !
नवीन पथ पर तुम ……
भूला दो मुझको…..
लेकिन….
मै न भूला पाऊँगी
याद निरन्तर……….
आयेगा नेह तुम्हारा
जीवन के हर पथ पर

( नवोदित कवियित्री सुमन काला को लिखने पढ़ने का शौक है )

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