गढ़वाली कविता —- बेटी बिराणी बणाई किले

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 ……………….. उपासना सेमवाल
हे! विधाता सूण यन रंचणा क्या रचाई त्वैन
नौनू अपड़ू खास अर, बेटी बिराणी बणाई त्वैन।
ल्वै मासू पीड़ा आंसू, यखु जन बणाई त्वीन
फ्यैर इथा बड़ू फरक कनकै ते कराई त्वीन।।
मैत्यूं भी पराई हवै , स्वारंयू भी पराई हवै
सब्यूं कि जन आंख्यूं मां कीस जन बिनाणी रे।।
अर यो बैरी समाज भी ते बेट्यूं तै कसाई
बेटी नि छे खाली स्य जन ,    द्वि घरौं की शान छे।।
मारी कूटी थेंगी तुमुन , जन्यौं बेजुबान सी
अपड़ू घिच्चू नि खोली  तीन, दानूं का मौथ मान थें।
अर तुमुन जरा दहेजा बाना तीकि जान ख्वै्र्र्र।।
कति बेटी मारी तुमुन तीकि मां का    गर्भ मां
कति बेटी मारी तुमुन दहेजा सन्दर्भ मां।।
अर क्वै बेटी मारी तुमुन, दुष्कर्मों का नर्क मां
अर कति बेटी मारी तुमुन जुर्म का अथर्क मां ।।
अर बची खुंची कसर छोड़ी तर्क अर कुतर्क मां
धिक्कार च यन मनख्यूं तैं, तुमरा ये समाज ते ।।
अर ट्वौटा रीति रस्मों तै, दहेजा रिवाज ते।
दुर्योधनन दुनिया भरीं
धरती मां की गोद सैरी, दुस्सासनुन व्हैगी गरी
पर हे! विधाता सुण त्वैन यन अन्यौ कनै कर।।
त्वैन धरती  मां की कोख आज कृष्ण किलै नि धरी
बेटी चीरी हरि तीकि आत्मा मां सुराख कैली ।।
धरती मां की कोख तुमुन चीरी तै बणांग लैगी
तुम मनखी नि हवै दैंत जन  ग्वजर्या उंदो चिलांग हवैगी ।।
चर्चा सरेआम हवैगी, अखबारों का पन्नों मां खबर त तमाम हवैगी
आज सैरा गौं, मुुलुक देश मां
हमारी दुसरी , तिसरी बेटी निर्भया बनाम हवैगी ।।
कन्या धन योजना भी, बेट्यूं तै चलैन तुमुन
कति  बीमा योजना भी , बेट्यूं का बांना ल्यैन तुम।।
पर बेट्यूं तै क्या द्यौण तुमुन , स्य त भर्ंयूं भंडू च
बेटी अन्नपूर्णा च, अफु मां सम्पूर्ण च।।
द्यौण छौ त अगर तुमुन , नौनु पर भी ध्यान द्या
छ्वौट् बिटिन इस्कुली मां तू सिणी यन ज्ञान द्या।।
स्त्री पुज्यवान ह्वंदी , बेट्यूं तै सम्मान द्या
ये समाज ते सुधन्न मां , अपड़ू योगदान द्या।।
बेटी तै भी जीण द्या बेटी तुमरू मान च
बेटी सृष्टि रचण वाली द्वि घरौं की शान च
बेटी छौ त आज, च बेटी छौ त भौळ च।।
नैतर क्य छिन बेटी बिगर
दुनिया खमखौळ च
दुनिया खमखौळ च

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नाम –  उपासना सेमवाल गुड़िया
पति का नाम – श्री बिपिन सेमवाल
पता – ग्राम -हयूण यमुनापुर पोआं गुप्तकाशी, जिला रूद्रप्रयाग उत्तराखंड।
सम्प्रति – बाल विकास विभाग
कार्यक्षेत्र – विकासखंड उखीमठ।
सम्मान – वर्ष 2017 में संस्कृति गौरव सम्मान , चन्द्रकुंवर बर्त्वाल साहित्यिक सम्मान , जिलाधिकारी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढाओ के तहत कुशल कार्य के लिये सम्मानित । साथ ही कई अन्य संस्थाओं और नगर पंचायत द्वारा सम्मानित होना।
प्रकाशन – गृहशोभा, युगवाणी, पंचकेदार दर्शन ,हलंत, दस्तक समेत कई अन्य पत्र पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन ।

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