एनआरआई उत्तराखंडी दूल्हे की प्रताडि़त देहरादून की लडक़ी

0
829

एनआरआई उत्तराखंडी दूल्हे की प्रताडि़त देहरादून की लडक़ी
————हरीश लखेड़ा /
/ देहरादून। उत्तराखंड के संभ्रांत ब्राह्मण परिवार की वह बेहद सुंदर लडक़ी सतरंगी सुनहरे सपनों के साथ ब्याह कर अमेरिका गई थी। सोचती थी कि वह खूबसूरत दुनिया उसके जीवन में भी सतरंगी खुशियां देंगी। मगर उसे क्या मालूम था कि एक दिन उसके सपने टूटकर बिखर जाएंगे।
सॉफ्ट इंजीनियर एनआरआई दूल्हे ने उसे ऐसी नरक भरी जिंदगी दे दी कि उसे वह खूबसूरत दुनिया नरक से भी बदतर लगने लगी। एनआरआई दूल्हे के मां-पिता ने भी उस लडक़ी का साथ देने की बजाए अपने बिगड़ैल लडक़े का साथ दिया। देहरादून के एक प्रतिष्ठित परिवार का यह लडक़ा संस्कार विहीन था। उसका चाचा डाक्टर है और पिता ठेकेदार। लडक़ी को अमेरिका जाकर मालूम हुआ कि वह लडक़ा  शराब, गांजा जैसी सभी तरह के नशे का आदी तो था ही गाय का मांस भी खाने लगा था। वह लडक़ी शाकाहारी थी लेकिन पति की खुशी के लिए घर में मांस भी पकाने लगी। अंडे भी खाने लगी। लेकिन बात यहां भी नहीं रुकी। वह लडक़ा दूसरी औरतों से भी रिश्ते बनाने लगा।
भारतीय परिवेश में पली-बढ़ी लडक़ी के लिए यह बर्दाश्त के बाहर था। उसने विरोध किया तो लडक़े ने उसकी बुरी तरह पिटाई करदी। पेट में लात ऐसी मारी कि तीन माह का गर्भपात हो गया। तीन दिन तक  वह बिस्तर से नहीं उठ पाई। अस्पताल भी नहीं ले जाया गया। बाद में ब्लीडिग बढऩे पर ले गए तो मालूम हुआ कि गर्भपात हो चुका है।
तब लडक़े के मां-बाप ने लडक़ी का इमोशनल ब्लैकमेल करके उसे पुलिस में  नहीं जाने दिया। जैसे ही मामला ठंडा पड़ा लडक़ी को भारत वापस भेज दिया। उसके बाद लडक़ी से कोई संबंध भी नहीं रखा। अब लडक़ी उत्तराखंड में  है और दूल्हा अमेरिका में।
(उसने फेसबुक में मेरो प्रोफाइल देखने के बाद यह कहानी मुझे पत्रकार होने के कारण सुनाई। उसका नाम नहीं दे रहा हूं।)
———————————————

अब तक पंजाब में रही यह बीमारी उत्तराखंड में भी पहुंच गई है। इसलिए आप लोग भी सावधान हो जाइए। हाल में  राष्ट्रीय महिला आयोग एक रिपोर्ट के अनुसार एनआरआई दूल्हे पंजाब और अन्य राज्यों की अपेक्षा दिल्ली की लड़कियों को शादी के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। जिसके कारण विदेश में शादी करने के बाद पति द्वारा उत्पीडऩ की शिकायतें राजधानी दिल्ली में बढ़ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक एनआरआई लडक़ों से शादी करने वाली लड़कियों की परेशानी में साल-दर-साल इजाफा हो रहा है। जिसमें दिल्ली की लड़कियों को सबसे ज्यादा एनआरआई दूल्हों द्वारा धोखा दिया गया है. जिसमें शादी के बाद अपने साथ विदेश ले जाने का वादा, विदेश में ले जाकर उनके साथ नौकरानियों जैसा बर्ताव करना या पहले से ही शादीशुदा जैसे मामले ज्यादा सामने आए हैं. जिसके कारण एनआरआई लडक़ों के साथ सात फेरे लेने वाली लड़कियां उनके उत्पीडऩ का शिकार बन रही हैं। महिला आयोग को 2015 से 2017 तक 422 शिकायतें मिली थीं, वहीं 2016 में शिकायतों की संख्या बढक़र 468 हो गई थी। विदेश में रह रहे लडक़ों पर कार्रवाई में आने वाली मुश्किलों के कारण की ऐसे मामलों में इजाफा हो रहा है क्योंकि अगर कोई लडक़ी भारत में केस अपने एनआरआई पति के खिलाफ केस दर्ज करवाती है तो आरोपी पति को समन जारी कर भारत बुलाना मुश्किल भरा होता है।  जिसके लिए कोई सख्त कानून नहीं बना है बदले में ज्यादातर नोटिस विदेश में रह रहे आरोपी द्वारा कोई तवज्जो नहीं दी जाती. भारत में इस तरह के केस चलाना बेहद पेचीदगियों भरा है और इन मामलों में विदेश मंत्रालय आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करता है। राष्ट्रीय महिला आयोग के एनआरआई सेल में शादी और अन्य समस्याओं से संबंधित जो शिकायतें मिली हैं उनमें 2015 से 2017 तक लगातार इजाफा हो रहा है। जहां इस सेल में 2015 में देशभर से 422 लड़कियों ने शिकायतें की थीं, वहीं भारतीय दुल्हनों की यह शिकायतें बढ़कर 2016 में 468 और 2017 में 528 हो गईं।  अमेरिका में रहने वाले एनआरआई लड़कों ने इंडिया की लड़कियों के साथ सबसे अधिक धोखेबाजी की। तीन सालों में इस देश से संबंधित एनसीडब्लू को 300 शिकायतें मिलीं। इनमें से कुछ भारत में आकर यहां की लड़कियों को दुल्हन बनाकर अमेरिका ले गए, लेकिन वहां जाकर दुल्हन के साथ बुरा बर्ताव किया। इसमें चाहे उन्हें घर की नौकरानी बनाकर रख लिया गया तो कुछ को पहली शादी से हुए बच्चों का लालन-पालन करने के लिए शादी की गई। जबकि कुछ लड़कियों को तो एनआरआई लड़के शादी करने के बाद अपने साथ लेकर ही नहीं गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here