उत्तराखण्ड आन्दोलन-स्मृतियों का हिमालय जैसी आन्दोलन से जुड़ी पुस्तकें बनेंगी स्कूली पाठयक्रम व पुस्तकालयों का हिस्सा – त्रिवेन्द्र रावत

0
288

नई दिल्ली। 11 अगस्त, 2017 । मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में वरिष्ठ पत्रकार हरीश लखेड़ा की पुस्तक ‘उत्तराखंड आन्दोलन-स्मृतियों का हिमालय’ का विमोचन किया।
इस मौके पर रावत ने लखेड़ा को बधाई देते हुये कहा कि उनकी पुस्तक ‘उत्तराखण्ड आन्दोलन-स्मृतियों का हिमालय’ उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के बारे में उत्तराखंड की भावी पीढ़ी के लिये ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री रावत ने उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन की अपनी स्मृतियों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में हर वर्ग, नारी शक्ति, युवा शक्ति एवं पत्रकारों का प्रमुख योगदान रहा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी के सुझाव को मानते हुए रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आन्दोलन से सम्बन्धित पुस्तकों को स्कूली पाठयक्रम एवं पुस्तकालयों में सम्मिलित किया जायेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की जानकारी रहे।
गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार हरीश लखेडा की यह किताब उत्तराखड राज्य आन्दोलन पर केन्द्रित है। जिसमें वर्ष-1994 के दौरान की घटनाएं विशेष तौरपर शामिल हैं।  उत्तराखंड आंदोलन के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उस वक्त कुछ शांतिपूर्वक चल रहे आंदोलन को हिंसक बनाने की बड़ी कोशिश हुई लेकिन यह साजिश कामयाब नहीं हो पायी। रावत ने कहा कि आंदोलन को हिंसक बनाने की बड़ी कोशिश हुई थी। खटीमा और मसूरी में गोली चलायी गयी, आंदोलनकारी मारे गये लेकिन फिर भी यह आंदोलन शांतिपूर्वक चला। रावत ने कहा कि राज्य बनने के बाद राज्य का काफी विकास हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उनकी सरकार की कोशिश है कि एक ईमानदार और स्वच्छ प्रशासन दिया जाए।
भाजपा प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी ने कहा कि रावत आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनायेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पुस्तक को नई पीढी को पढ़ाने के लिए सरकार को हर संभव प्रयास करने चाहिए। लेखक लखेड़ा ने कहा कि उन्होंने इस पुस्तक में नया प्रयोग किया है। यह भारत ही नहीं बल्कि विश्व में पहली किताब है जो नई शैली में लिखी गई है।यह कोई इतिहास लेखन नहीं है बल्कि घटनाओं की स्मृतियां हैं जिन्हें हू ब हू छापा गया है। इस मौके पर आंदोलनकारी प्रताप शाही, हरिपाल रावत, जगदीश ममगाई, धीरेंद्र प्रताप, देव सिंह रावत, पीसी नैनवाल,भी मौजूद थे।
वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा , व्योमेश जुगरान , पीएल उनियाल, रोशन , विद्याशंकर तिवारी , सुनील नेगी , चारु तिवारी, देव सिंह रावत आदि कई  पत्रकार भी मौजूद थे।
श्री भानुवीर नारद फॉउण्डेशंन के अध्यक्ष मदन गोपाल उफऱ् मधु लखेड़ा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व बलूनी को शॉल पहनाया। श्री भानुवीर नारद फॉउण्डेशंन उत्तराखंड के लखेड़ाओ का ट्रस्ट है । श्री भानुवीर नारद फॉउण्डेशंन जल्दी ही दिल्ली में इस किताब को लेकर महा सम्मलेन करेगा ।
———

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here