नई दिल्ली। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड में जिस किताब से रामलीला का मंचन किया जाता है उसके लेखक थे छम्मी लाल ढौंडियाल। ढौंडियाल का दिल्ली में 23 अप्रैल को देहांत हो गया है ।
हिमालयीलोग  छम्मीलाल ढौंडियाल की भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
उनकी किताब का नाम था — ‘श्री संपूर्ण रामलीला अभिनय’ । अब तक इस किताब के 20 संस्करण निकल चुके हैं। यह बहुत लोकप्रिय किताब थी। दिल्ली -एनसीआर और उत्तराखंड विशेषकर गढ़वाल क्षेत्र में पिछले 50-60 वर्षो से उनकी लिखी पुस्तक के अनुसार ही रामलीला का मंचन हो रहा है। उत्तराखंड में ं हिंदी रामायण(नाट्य मंचन ) के रचियता  छम्मी लाल ढौंडियाल पौड़ी गढ़वाल जिले के ग्राम ढौंड के मूल निवासी थे। वे  दिल्ली में अपने बच्चो के पास रह रहे थे। एक ज़माने में उनकी सम्पूर्ण रामायण बहुत प्रसिद्ध थी। तब वे किदवयी नगर में रहते थे।
लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे ढौंडियाल अंतिम दिनों में आरकेपुरम कालोनी में अपने बेटे के साथ रह रहे थे।
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